मैं सोचता हूँ कितना साम्य है जीवन और नदी में ! मैं सोचता हूँ कितना साम्य है जीवन और नदी में !
ये हवाएँ....मन को चीरते हूए..... मेरी रूह को छेड़ रही है..... ये हवाएँ....मन को चीरते हूए..... मेरी रूह को छेड़ रही है.....
परंतु यह सदा स्मरण रखना कि- जो अच्छा है, उसे सुनकर, सदा स्मरण रखना चाहिए। परंतु यह सदा स्मरण रखना कि- जो अच्छा है, उसे सुनकर, सदा स्मरण रखना चाहिए।
बन बैठी महबूब, क्या ग़जब का सुर पाया मन भावन हर गीत, दिलों पे सबके छाया बन बैठी महबूब, क्या ग़जब का सुर पाया मन भावन हर गीत, दिलों पे सबके छाया
गिले-शिकवे सुनाए एक साथ बैठ कर। गिले-शिकवे सुनाए एक साथ बैठ कर।
जब भी चलते हैं इन राहों पर लगता है कुछ छूट सा जाता है जोड़ते हैं हर बार... पर लगता है, हौले से वह... जब भी चलते हैं इन राहों पर लगता है कुछ छूट सा जाता है जोड़ते हैं हर बार... पर ...